बिलासपुर

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में 20 मई को ‘दुकान बंद’ – कैट बिलासपुर ने दिया पूरा समर्थन, कहा ‘लोकल व्यापार बचाओ’

रिपोर्ट: गोविन्द शर्मा, बिलासपुर

बिलासपुर। ऑनलाइन दवा बिक्री के अनियंत्रित प्रसार के विरोध में जिला औषधि विक्रेता संघ बिलासपुर के ’20 मई को दुकान बंद’ के आह्वान को कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) बिलासपुर इकाई ने पूर्ण नैतिक समर्थन दिया है।

कैट के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जितेंद्र गांधी, राष्ट्रीय सचिव राजू सलूजा, बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह और कोषाध्यक्ष आशीष अग्रवाल ने संयुक्त बयान जारी कर कहा कि कैट इस विरोध प्रदर्शन में दवा विक्रेताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

स्थानीय व्यापारियों का अस्तित्व संकट में’ – कैट
कैट बिलासपुर जिला अध्यक्ष हीरानंद जयसिंह ने कहा, “आज के इस डिजिटल दौर में ऑनलाइन फार्मा कंपनियों की वजह से हमारे स्थानीय छोटे और मंझोले व्यापारियों के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है।” उन्होंने बताया कि कैट पदाधिकारियों दिलीप खेंडेलवाल, संजय मित्तल, अनिल राघवानी, परमजीत उबेजा, मनोज लाहोरनी, नितिन सलूजा, प्रवीण सलूजा, हरदीप होरा, अनिल गुप्ता, श्रीकांत पांडे, राजेश सैनी, मुकेश लालचंदानी, विष्णु गुप्ता का भी यही मानना है।

कैट ने गिनाए 3 बड़े खतरे

  1. स्थानीय अर्थव्यवस्था को क्षति: ऑनलाइन दवा बिक्री से लोकल व्यापारियों का व्यापार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इससे न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि स्थानीय रोजगार पर भी संकट मंडरा रहा है।
  2. गुणवत्ता और सुरक्षा की चिंता: दवाओं जैसी संवेदनशील वस्तु की ऑनलाइन बिक्री में गुणवत्ता और नियमों की अनदेखी होने की संभावना बनी रहती है, जो जनस्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
  3. अस्वस्थ प्रतिस्पर्धा: बड़ी विदेशी और ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट का लालच देकर स्थानीय बाजार को खत्म करने का प्रयास कर रही हैं। इससे आने वाले समय में ‘लोकल’ व्यापार पूरी तरह समाप्त हो सकता है।

‘यह सिर्फ दवा विक्रेताओं का नहीं, सभी लोकल व्यापारियों का संघर्ष है’
हीरानंद जयसिंह ने कहा, “कैट सदैव स्थानीय व्यापारियों के हितों की रक्षा के लिए संकल्पित है। दवा विक्रेताओं का यह संघर्ष केवल उनका व्यक्तिगत संघर्ष नहीं है, बल्कि यह उन सभी स्थानीय व्यापारियों की आवाज है जो इस असमान प्रतिस्पर्धा से जूझ रहे हैं।”

सरकार से मांग
कैट ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि स्थानीय व्यापारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन दवा व्यापार को लेकर उचित नीतिगत निर्णय लिए जाएं। साथ ही कैट ने दवा विक्रेताओं के इस सफल और शांतिपूर्ण आंदोलन की मंगल कामना की।

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