सारंगढ़

13-14 मार्च 2027 को आयोजित होगा ‘राष्ट्रीय वैष्णव संयुक्त महासम्मेलन

जयपुर में सजेगा वैष्णव महाकुंभ..

सारंगढ़। राष्ट्रीय वैष्णव (चार संप्रदाय) संयुक्त महासभा, चित्रकूट के बैनर तले आयोजित होने वाले आगामी राष्ट्रीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासम्मेलन-2027 की तैयारियों को लेकर 31 जुलाई 2026 को वृंदावन स्थित श्री मलूक पीठ गौशाला (गौरनगर) में एक उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। परमपूज्य मलूक पीठाधीश्वर श्री राजेन्द्रदास जी महाराज के गरिमामय सान्निध्य में आयोजित इस बैठक में देशभर के प्रमुख संतों, समाजसेवियों, प्रशासनिक अधिकारियों और संगठनात्मक प्रतिनिधियों ने शिरकत की।

​बैठक के समापन अवसर पर पूज्य राजेन्द्रदास जी महाराज ने महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि राष्ट्रीय वैष्णव (च.सं.) संयुक्त महासम्मेलन का भव्य आयोजन जयपुर (राजस्थान) में किया जाएगा। महासम्मेलन की रूपरेखा के अनुसार 12 मार्च 2027 को कमांडिंग कमेटी, कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों की रणनीतिक बैठक होगी, जबकि 13 एवं 14 मार्च 2027 को मुख्य महासम्मेलन का भव्य आयोजन होगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर वैष्णव बंधुओं को जोड़ने और सुलभ व्यवस्था हेतु महासम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट एवं ऑनलाइन पंजीकरण हेतु मोबाइल ऐप का भी विधिवत शुभारंभ किया गया।

​महासभा के गौरवाध्यक्ष, संरक्षक एवं संस्थापक परमपूज्य जगद्गुरु रामानन्दाचार्य श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के उत्तराधिकारी एवं महासभा के संयोजक विद्वान आचार्य श्री रामचंद्रदास जी ने चित्रकूट से वीडियो कॉल के माध्यम से जुड़कर उपस्थित संतों और श्रद्धालुओं को आशीर्वचन दिया तथा आयोजन की सफलता हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया।

​बैठक में पूर्ण बैराठी परंपरा के महंत पूज्य श्री रामसेवक दास जी महाराज (गंगादास जी की बड़ीशाला, ग्वालियर), महंत पूज्य श्री जगदीश दास जी महाराज (द्वारकाधीश पीठ, देवलियारी, राजस्थान), महामंडलेश्वर पूज्य राजेश्वर जी महाराज (दिल्ली), वृंदावन के पूज्य रसिक महाराज, रसिया महाराज एवं कथावाचक विष्णु महाराज सहित अनेक संतों ने भाग लिया। सभी संतों ने वैष्णव संस्कृति, संस्कारों के संरक्षण और संगठन की एकजुटता पर बल देते हुए पूर्ण सहयोग का संकल्प जताया।

​संगठन की मजबूती और आयोजन को ऐतिहासिक बनाने हेतु सेवानिवृत्त आईएएस डॉ. राज वैष्णव तथा डीसीपी मुकुंद बिहारी वैष्णव ने विशेष प्रशासनिक मार्गदर्शन और सुझाव दिए। बैठक में कमांडिंग कमेटी के सदस्य एवं अखिल भारतीय वैष्णव विकास परिषद मुंबई के अध्यक्ष जयंती भाई वैष्णव, अखिल भारतीय वैष्णव ट्रस्ट मुंबई के अध्यक्ष रामचंद्र जी वैष्णव, हरिद्वार से श्यामसुन्दर जी, दिल्ली से महावीर प्रसाद जी, मुंबई से आर. के. वैष्णव जी, अखिल भारतीय वैष्णव विकास परिषद मुंबई के महासचिव लखन दास वैष्णव, एन. डी. निम्बावत, भानुशंकर जी, कोषाध्यक्ष रमेश वैष्णव, मुंबई अध्यक्ष अनिल रामावत, उदयपुर से राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भगवान दास वैष्णव, कार्यकारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी जगन्नाथ बैरागी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य कैलाश चंद वैष्णव, छत्तीसगढ़ वैष्णव महासभा के अध्यक्ष पूरन दास वैष्णव, छत्तीसगढ़ महिला अध्यक्ष श्रीमती लता रानी वैष्णव तथा दुर्ग से गजानन वैष्णव उपस्थित रहे।

​महासभा के कार्यदर्शी महेंद्र वैष्णव (तुमकुर) ने सहकार्यदर्शी प्रदीप रामावत, परमानंद स्वामी एवं राजेश मूर्तिवाले के साथ मिलकर महासम्मेलन के उद्देश्यों, कार्ययोजना और आगामी संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। वहीं वृंदावन से मनोज कुमार शर्मा ने बैठक की समस्त व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करने में सराहनीय योगदान दिया। बैठक के अंत में देशभर से आए संत-महात्माओं और वैष्णव समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में 2027 के महासम्मेलन को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने के लिए तन, मन और धन से पूर्ण सहयोग देने का सामूहिक संकल्प लिया।

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