विधायक मद की सीसी रोड 7 माह में उखड़ी, बोईरडीह में भ्रष्टाचार के आरोप, जांच की मांग

सक्ती। जैजैपुर जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बोईरडीह में विकास के दावों की पोल खुल गई है। विधायक मद और 15वें वित्त आयोग से बनी सीसी रोड निर्माण के महज 7-8 महीने में ही जगह-जगह से उखड़ गई। ग्रामीणों ने घटिया निर्माण और बड़े भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।
तकनीकी मापदंडों की अनदेखी
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में खुलेआम नियमों को ताक पर रखा गया:
गलत गिट्टी का उपयोग: जहां 20 MM गिट्टी डालनी थी, वहां 40 MM गिट्टी का इस्तेमाल किया गया।

घटिया सामग्री: सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की गुणवत्ता बेहद खराब थी।
नतीजा: लाखों की लागत से बनी सड़क कुछ महीनों में जवाब दे गई, जगह-जगह से गिट्टियां बाहर निकल आईं।
सूचना छिपाने का आरोप
ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाया कि निर्माण कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड और पोर्टल को जानबूझकर क्षतिग्रस्त कर दिया गया, ताकि लागत, कार्य एजेंसी और स्वीकृत राशि की जानकारी जनता तक न पहुंचे।
15 लाख की सड़क पर सवाल
जानकारी के अनुसार बोईरडीह में तीन हिस्सों में सीसी रोड बनी थी:
- गंगाजल पुलिया से आगे: लगभग 5 लाख – विधायक मद
- गंगाजल तालाब से बरदुली मार्ग: लगभग 7 लाख – विधायक मद
- बोईरडीह से बरदुली मार्ग: लगभग 3 लाख – 15वां वित्त आयोग
कुल 15 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क पर अब भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश
“सड़क की हालत देखकर साफ पता चलता है कि काम किस स्तर का हुआ है। सिर्फ कागजों में गुणवत्ता दिखाई गई, जमीन पर भारी लापरवाही हुई। आवागमन में परेशानी हो रही है,” ग्रामीणों ने कहा।
कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जनपद पंचायत जैजैपुर एवं जिला पंचायत सक्ती को लिखित शिकायत सौंपी है। मांग है कि निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कर संबंधित ठेकेदार, इंजीनियर और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो।
अब देखना है कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है या फिर शिकायत फाइलों में दबकर रह जाएगी।




