सारंगढ़

FFS ऐप के जरिए किसान अपनी जरूरत के अनुसार नजदीकी केंद्र से खरीद सकेंगे खाद

रबी 2026-27 से टोकन के माध्यम से मिलेगा रासायनिक खाद, कृषि विभाग ने दिया प्रशिक्षण

सारंगढ़। रबी वर्ष 2026-27 से किसानों को रासायनिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और खाद वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से टोकन आधारित नई व्यवस्था लागू की जाएगी। भारत सरकार की इस पहल के तहत किसान मोबाइल ऐप के माध्यम से अपनी आवश्यकता के अनुसार टोकन प्राप्त कर नजदीकी विक्रय केंद्र से निर्धारित मूल्य पर रासायनिक खाद खरीद सकेंगे। इस व्यवस्था के संचालन के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स (FFS) ऐप का उपयोग किया जाएगा, जिसे प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिया गया प्रशिक्षण

इसी क्रम में संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा 8 अक्टूबर 2026 को FFS ऐप के संचालन एवं क्रियान्वयन को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ के कृषि एवं सहकारिता विभाग के संबंधित अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए।

कार्यालय उप संचालक कृषि, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से श्री आशुतोष श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि, नोडल अधिकारी के रूप में उपस्थित रहे। वहीं श्री जयप्रकाश गुप्ता, कृषि विकास अधिकारी तथा श्री लोकेश्वर देवांगन, सहकारिता विस्तार अधिकारी ने मास्टर ट्रेनर के रूप में भाग लिया।

ऐप की कार्यप्रणाली और टोकन प्रक्रिया की दी गई जानकारी

प्रशिक्षण के प्रथम चरण में संचालक कृषि, छत्तीसगढ़, रायपुर द्वारा FFS ऐप की कार्यप्रणाली और उसके प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान कृषक पंजीयन, टोकन निर्माण, उर्वरक का चयन, खाद वितरण तथा विक्रय प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी एवं व्यावहारिक पहलुओं को समझाया गया।

कार्यक्रम में जिले के संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के साथ विकासखंड स्तर के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी भी शामिल हुए। इसके अतिरिक्त श्री उमेश कुमार साहू, कृषि विकास अधिकारी, श्री संतोष पैकरा एवं श्री बोधराम सतनामी सहित अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। मार्कफेड की ओर से डीएमओ के प्रतिनिधि के रूप में संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों ने भी प्रशिक्षण में सहभागिता की।

प्रगतिशील किसानों को भी किया गया शामिल

नई व्यवस्था को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और उन्हें मोबाइल ऐप के माध्यम से उर्वरक खरीदने की प्रक्रिया समझाने के उद्देश्य से दो प्रगतिशील किसानों को भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया। इनमें सारंगढ़ के श्री खीरसागर पटेल एवं बरमकेला के श्री मुकेश चौधरी शामिल रहे।

किसानों की सहभागिता से नई व्यवस्था की जमीनी स्तर पर उपयोगिता समझने तथा भविष्य में किसानों को टोकन प्रक्रिया के प्रति जागरूक करने में सहायता मिलेगी।

मैदानी अमले और किसानों को भी मिलेगा प्रशिक्षण

जिले में FFS प्रणाली का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए चयनित मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से कृषि विभाग के मैदानी अमले एवं किसानों को विभिन्न चरणों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं सहकारिता विभाग अपने मैदानी अमले को इस नई व्यवस्था के संबंध में प्रशिक्षित करेगा, ताकि खाद वितरण के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

प्रचार-प्रसार के माध्यम से किसानों को किया जाएगा जागरूक

कृषि विभाग द्वारा नई टोकन प्रणाली की जानकारी किसानों तक पहुंचाने के लिए स्थानीय समाचार पत्रों, मीडिया, लीफलेट, बैनर एवं पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य किसानों को समय रहते ऐप के उपयोग, टोकन प्राप्त करने की प्रक्रिया और खाद क्रय संबंधी आवश्यक जानकारी से अवगत कराना है।

रबी 2026-27 से लागू होने वाली यह व्यवस्था खाद वितरण प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने, किसानों की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक उपलब्ध कराने तथा वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

Santosh Chauhan

EDITOR MO.NO.- 9691527555 9479016462

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