डबल इंजन की सरकार में किसान ड्रम लेकर लाइन में’ – जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज का सरकार पर हमला, डीजल किल्लत पर उठाए सवाल

सारंगढ़। जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज ने देश भर में पेट्रोल-डीजल की किल्लत और पेट्रोल पंपों पर खुलेआम नियमों के उल्लंघन को लेकर ‘डबल इंजन सरकार’ को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य में एक ही दल की सरकार होने के बावजूद किसान-ट्रांसपोर्टर रात-रात भर ड्रम लेकर लाइन में खड़े हैं।
बिनोद भारद्वाज का बयान:
“चुनाव से पहले डबल इंजन सरकार ने बड़े-बड़े दावे किए थे कि पेट्रोल-डीजल सस्ता करेंगे। आज हाल ये है कि सस्ता तो दूर, डीजल मिल ही नहीं रहा। खरीफ सीजन सिर पर है और किसान रात 12 बजे ड्रम लेकर पेट्रोल पंपों पर मारामारी कर रहा है। यही है डबल इंजन का मॉडल?”
‘नियम सिर्फ कागजों में’
भारद्वाज ने कहा, “भारत सरकार का साफ नियम है कि खुले डिब्बे, प्लास्टिक के ड्रम में ईंधन देना गैरकानूनी है। आग लगने का खतरा है, कालाबाजारी बढ़ती है। फिर भी यूपी, एमपी, बिहार, ओडिशा से लेकर छत्तीसगढ़ तक सैकड़ों पंपों पर रात 12 बजे तक ड्रमों में डीजल बांटा जा रहा है। सवाल ये है कि डबल इंजन की सरकार में कानून का पालन कौन कराएगा? केंद्र नियम बनाए और राज्य में उसकी धज्जियां उड़ें?”
‘किसान बेहाल, सरकार आंकड़ों में मस्त’
“ट्रैक्टर के लिए डीजल नहीं, ट्रक-ट्रांसपोर्ट ठप होने की कगार पर। एक तरफ सरकार ‘तेल बचाओ’ का नारा देती है, दूसरी तरफ पंपों पर कालाबाजारी जैसी स्थिति है। खाद्य विभाग, नाप-तौल विभाग और जिला प्रशासन की चुप्पी बताती है कि सिस्टम फेल है। अगर कोई हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?” – बिनोद भारद्वाज
भारद्वाज की 4 मांगें…….
देश भर के पेट्रोल पंपों पर तत्काल औचक जांच हो
डीजल-पेट्रोल की कालाबाजारी रोकने केंद्र-राज्य की संयुक्त टीम बने
खरीफ सीजन के लिए किसानों को प्राथमिकता पर डीजल उपलब्ध कराया जाए
दोषी पंप मालिकों और लापरवाह अधिकारियों पर FIR दर्ज हो
‘आंदोलन की चेतावनी‘
जिला पंचायत सदस्य बिनोद भारद्वाज ने कहा, “डबल इंजन के नाम पर जनता को गुमराह करना बंद हो। धरातल पर काम दिखना चाहिए, सिर्फ विज्ञापन नहीं। अगर डीजल की किल्लत और अवैध बिक्री नहीं रुकी तो हम सड़क से संसद तक आंदोलन करेंगे। जनता सब देख रही है, जवाब देना पड़ेगा।”




