सारंगढ़

15वें वित्त आयोग की राशि में फर्जीवाड़ा, ग्राम पंचायत परसदा बड़े में बिना काम किए लाखों का भुगतान



सारंगढ़ जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत परसदा बड़े में 15वें वित्त आयोग की राशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि अक्टूबर 2025 में गांव में विभिन्न कार्यों के नाम पर फर्जी बिल लगाकर बड़ी मात्रा में राशि आहरित कर ली गई, जबकि मौके पर आज तक किसी भी प्रकार का कार्य नहीं हुआ है। गांव में रोड मरम्मत के नाम पर मुरुम के लिए 90 हजार रुपये, दो नग सिंटेक्स पानी टंकी के नाम पर 40 हजार रुपये, बोरिंग मरम्मत के नाम पर 56 हजार रुपये, स्टेशनरी सामग्री के लिए 22 हजार रुपये, समूह मद के अंतर्गत 9 हजार 700 रुपये, नाली मरम्मत के नाम पर 13 हजार रुपये तथा मजदूरी भुगतान के नाम पर 32 हजार रुपये निकाले गए हैं, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि इन सभी कार्यों का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं है।


ग्रामीणों के अनुसार यह पूरी राशि ग्राम पंचायत के सरपंच बाबू सिंह सिदार द्वारा फर्जी बिल लगाकर निकाली गई है। गांव के लोगों का यह भी कहना है कि इससे पहले भी पंचायत में मनरेगा योजना के तहत घोटाला किया गया था, जिसकी शिकायत पंचों एवं ग्रामीणों ने जनदर्शन कार्यक्रम में जिला कलेक्टर के समक्ष की थी, लेकिन जनपद पंचायत सीईओ के संरक्षण के कारण अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। इससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्राम परसदा बड़े के ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी पाए जाने वाले सरपंच, सचिव तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अब देखना यह है कि इस गंभीर मामले के उजागर होने के बाद जिला प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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