मनरेगा में फर्जीवाड़ा: मौके पर 5 मजदूर, कागजों में 30, बरमकेला में खुली अनियमितता


मनरेगा नियमावली का उल्लंघन
बरमकेला। जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत ग्राम पंचायत कंठीपाली में मनरेगा योजना के तहत बनाए जा रहे नए तालाब निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितता सामने आई है। मौके पर कार्य करते हुए मात्र 5 से 7 मजदूर ही दिखाई दे रहे हैं, जबकि कागजों में 30 से 50 मजदूरों की ऑनलाइन मस्टररोल भरी जा रही है।
ग्रामीण मजदूरों से बातचीत में यह बात सामने आई कि कार्य पिछले तीन दिनों से प्रारंभ हुआ है, लेकिन रोजाना काम करने केवल 5–7 मजदूर ही आते हैं। इसके बावजूद रोजगार सहायक द्वारा मनरेगा पोर्टल में बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति दर्ज कर दी जा रही है, जो सीधे तौर पर सरकारी राशि के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।
मनरेगा नियमावली के अनुसार, मजदूरों की उपस्थिति रोजाना दर्ज करनी होती है और मजदूरी का भुगतान केवल वास्तविक काम करने वाले मजदूरों को ही किया जा सकता है। लेकिन ग्राम पंचायत कंठीपाली में मनरेगा नियमावली का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि इस मामले की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना का उद्देश्य गरीब मजदूरों को रोजगार प्रदान करना है, लेकिन ग्राम पंचायत कंठीपाली में इसका गलत तरीके से उपयोग किया जा रहा है।
*मनरेगा एक्ट 2005 के अनुसार:*
– ग्राम पंचायत को मजदूरों को रोजगार प्रदान करना होता है।
– मजदूरी का भुगतान सीधे मजदूरों के बैंक खाते में किया जाना होता है।
– मजदूरों की उपस्थिति रोजाना दर्ज करनी होती है।
ग्राम पंचायत कंठीपाली में मनरेगा योजना के तहत हो रहे फर्जीवाड़े की जांच की मांग की जा रही है।






