सारंगढ़ जिला अस्पताल में डॉक्टरों की लेटलतीफी पर उठे सवाल, CMHO को सौंपा ज्ञापन – ‘शाम 5 से 7 बजे OPD में नहीं मिलते डॉक्टर’

सारंगढ़। सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर में गुरुवार को जिला चिकित्सालय सारंगढ़ की अव्यवस्था का मुद्दा गूंजा। आवेदकों ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सारंगढ़-बिलाईगढ़ को ज्ञापन सौंपकर डॉक्टरों की समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की।
‘कागजों में लंबी सूची, जमीन पर मरीज परेशान‘
ज्ञापन में बताया गया कि जिला चिकित्सालय में डॉक्टरों की सूची कागजों में तो लंबी है, लेकिन धरातल पर मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल रहा। शासन द्वारा करोड़ों का निवेश होने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाएं पटरी से उतरी हैं। डॉक्टर रोस्टर के अनुसार अस्पताल नहीं पहुंचते। कई डॉक्टर निजी संस्थान या निजी कामों में व्यस्त रहते हैं।


‘शाम की OPD में सन्नाटा‘
आवेदन में गंभीर आरोप लगाया गया कि शाम 5:00 से 7:00 बजे की ओपीडी में ढाई दर्जन से अधिक डॉक्टर पदस्थ होने के बावजूद एक भी डॉक्टर उपस्थित नहीं मिलते। उस समय कई विशेषज्ञ डॉक्टर निजी अस्पतालों में इलाज करते पाए जाते हैं। इससे OPD, विशेषज्ञ सेवाएं और आपातकालीन सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
ये की गई मांग
- सभी डॉक्टर, स्पेशलिस्ट, RMO एवं स्टाफ की उपस्थिति शासन के रोस्टर अनुसार सुनिश्चित हो।
- शाम 5 से 7 बजे की OPD में डॉक्टरों की अनिवार्य उपस्थिति हो।
- निजी प्रैक्टिस के चलते शासकीय सेवा में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई हो।
- बायोमेट्रिक उपस्थिति से मॉनिटरिंग की जाए।
‘स्वास्थ्य सेवाएं दुरुस्त करना मकसद‘
आवेदकों ने कहा कि हमारा उद्देश्य मात्र जिला चिकित्सालय सारंगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरुस्त करना है। समाज में स्वास्थ्य सेवाओं की प्राथमिकता को देखते हुए CMHO से समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की गई है।

ज्ञापन सुशासन तिहार जन समस्या निवारण शिविर, जेलपारा रंगमंच, नगर पालिका सारंगढ़ में सौंपा गया।



