बरमकेला

मनरेगा में मशीन राज : देवगांव में JCB से तालाब गहरीकरण, 300 से अधिक मजदूरों का फर्जी मस्टर रोल जनरेट


बरमकेला | जनपद पंचायत बरमकेला अंतर्गत ग्राम पंचायत देवगांव में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत स्वीकृत चपले तालाब गहरीकरण कार्य में गंभीर अनियमितता सामने आई है। योजना के स्पष्ट नियमों के बावजूद तालाब गहरीकरण का कार्य JCB मशीन से कराकर, बाद में सैकड़ों मजदूरों के नाम से फर्जी मस्टर रोल जनरेट किया जा रहा है।


स्थल  में यह पाया गया कि तालाब गहरीकरण एवं लेवलिंग का कार्य एक–दो दिन पहले ही मशीन के माध्यम से पूरा कर दिया गया था, जबकि इसके बाद दिनांक 09 फरवरी 2026 को मस्टर रोल जनरेट किया गया। इसके बावजूद अनियमितता यहीं नहीं रुकी —09/02/26 को 59 लोगों का , 10 फरवरी 2026 को 143 मजदूरों तथा, 11 फरवरी 2026 को 165 मजदूरों का मस्टर रोल जनरेट किया गया।


स्थानीय सूत्रों के अनुसार मौके पर एक  भी मजदूरों की उपस्थिति नहीं थी।लेकिन मस्टरोल जनरेट। NMMS Apps  मजदूरों का  फोटो अपलोड किया गया है , मनरेगा जैसे श्रम आधारित योजना में मशीन से कार्य कराना सीधे-सीधे योजना नियमों का उल्लंघन है, साथ ही यह शासकीय राशि के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है।


इस पूरे मामले की जानकारी 09/02/2026 को जनपद स्तरीय मनरेगा कार्यक्रम अधिकारी को दी गई थी। इसके बाद भी कार्य पर न तो रोक लगाई गई और न ही मस्टर रोल जनरेशन पर कोई कार्रवाई की गई। मामले को लेकर जिला कलेक्टर सारंगढ़–बिलाईगढ़ के जनदर्शन में भी शिकायत दर्ज कराई गई है, परंतु अब तक  तालाब गहरीकरण कार्य पर रोक नहीं लगी है।

प्रशासन कि चुप्पी ,कई  सवालों के घेरे पर  ?

जानकारों का कहना है कि मनरेगा कार्य में
रोजगार सहायक द्वारा वास्तविक मजदूरों की उपस्थिति सुनिश्चित करना,
तकनीकी सहायक द्वारा मशीन उपयोग पर रोक व सही माप दर्ज करना अनिवार्य है।
इसके बावजूद मशीन से कार्य कराकर मस्टर रोल जारी रहना मिलीभगत की आशंका को और मजबूत करता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि जिला प्रशासन इस मामले में दोषियों पर कब और क्या कार्रवाई करता है, या फिर मनरेगा जैसी गरीबों की योजना यूं ही मशीन और फर्जी हाजिरी की भेंट चढ़ती रहेगी।

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