सारंगढ़

तहसीलदार एन. किशोर सिन्हा का सराहनीय कदम  ,,अब पटवारी और पक्षकार होंगे आमने-सामने



सारँगढ  बिलाईगढ़ नवाचार से बदलेगी सारँगढ तहसील की तस्वीर अक्सर देखा जाता है कि सीमांकन और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए किसानों को हफ्तों तक तहसील और पटवारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। इस समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए सारँगढ तहसीलदार एन. किशोर सिन्हा ने एक नई कार्ययोजना लागू की है। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य राजस्व कार्यों में तेजी लाना है

सोमवार पटवारी मुख्यालय में उपस्थिति पटवारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सोमवार को अपने निर्धारित मुख्यालय (हल्का) में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। इससे ग्रामीणों को अपने छोटे-मोटे कार्यों के लिए शहर या तहसील कार्यालय नहीं दौड़ना पड़ेगा।

बुधवार सीमांकन दिवस
खेतों की मेढ़ और सीमाओं से जुड़े विवादों को सुलझाने के लिए बुधवार का दिन ‘सीमांकन’ के लिए आरक्षित किया गया है। इस दिन राजस्व टीम मौके पर जाकर लंबित मामलों का निपटारा करेगी।

शुक्रवार समीक्षा एवं जनसुनवाई (फेस-टू-फेस) सप्ताह का सबसे महत्वपूर्ण दिन शुक्रवार होगा। इस दिन तहसीलदार स्वयं समीक्षा बैठक करेंगे, जिसमें पटवारी और पक्षकार (किसान) आमने-सामने बैठेंगे। यदि किसी किसान की शिकायत है कि उसका काम जानबूझकर रोका गया है, तो पटवारी को वहीं जवाब देना होगा।

किसानों में खुशी की लहर
क्षेत्र के किसानों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे “ऐतिहासिक” बताया है। किसानों का कहना है कि:
पटवारियों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से समय की बचत होगी।आमने-सामने की सुनवाई से बिचौलियों का प्रभाव खत्म होगा।

Santosh Chauhan

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