कोटवारों की एकजुटता पर जोर, भूमि अधिकार की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने का आह्वान

रायगढ़। कोटवार एसोसिएशन ऑफ छत्तीसगढ़ पंजीयन क्रमांक 40 के बैनर तले 14 अगस्त को रायगढ़ में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रांताध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। भारत माता की जय, छत्तीसगढ़ महतारी की जय और स्वतंत्रता दिवस अमर रहे के नारों के बीच जिले के प्रवास पर पहुंचे प्रांताध्यक्ष का कोटवारों ने स्वागत किया।
बैठक में रायगढ़ जिले के अलावा जशपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। रायगढ़ जिले की धरमजयगढ़, रायगढ़, पुसौर, खरसिया, लैलूंगा, तमनार और घरघोड़ा तहसीलों से करीब 200 कोटवार उपस्थित रहे। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष श्यामलाल चौहान ने की।
प्रांताध्यक्ष प्रेम किशोर बाघ ने संगठन की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि संगठन के लंबे संघर्षों के कारण कोटवारों के पारिश्रमिक में वृद्धि, वर्दी, सिलाई राशि, रात्रिकालीन ड्यूटी से मुक्ति सहित कई मामलों में राहत मिली है। उन्होंने कहा कि कोटवारों के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन की एकजुटता सबसे जरूरी है।
बैठक में कोटवारों की मालगुजारी भूमि के भूमि स्वामी अधिकार का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बाघ ने कहा कि भूमि अधिकार के मामले में संगठन को अब सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की दिशा में रणनीति बनानी होगी। उन्होंने कोटवारों से अपील करते हुए कहा कि संगठन को कमजोर करने वाली गतिविधियों से सावधान रहें और किसी भी निर्णय से पहले संगठन की विधिवत रणनीति के साथ आगे बढ़ें।
वक्ताओं ने कोटवारों से ग्राम स्तर के कार्यों के अतिरिक्त विभिन्न शासकीय कार्यों में ड्यूटी लिए जाने का मुद्दा भी उठाया। संगठन पदाधिकारियों का कहना था कि कोटवारों से कई प्रकार के कार्य लिए जाते हैं, जबकि उन्हें जोखिम भत्ता, यात्रा भत्ता और भोजन भत्ता जैसी सुविधाएं पर्याप्त रूप से नहीं मिलतीं। जिलाध्यक्ष श्यामलाल चौहान ने कोटवारों के पारिश्रमिक और कार्यभार को लेकर शासन से उचित पहल की मांग रखी।
प्रांतीय संगठन मंत्री मनोहर लाल चौहान एवं चंद्रप्रसाद सिदार ने कहा कि कोटवारों के अधिकारों की लड़ाई को मजबूत करने के लिए सभी को एकजुट होकर रणनीति के तहत संघर्ष करना होगा। बैठक में संगठन की आगामी कार्ययोजना और कानूनी लड़ाई को लेकर भी चर्चा की गई।
इस दौरान विभिन्न तहसीलों के पदाधिकारी एवं कोटवार बड़ी संख्या में मौजूद रहे। महिला कोटवारों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कोटवारों ने संगठन में एकजुटता बनाए रखने तथा किसी भी कोटवार के साथ अन्याय होने पर मिलकर आवाज उठाने का संकल्प लिया। इस दौरान “प्रेम किशोर बाघ संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं” के नारे भी लगाए गए।
उल्लेखनीय है कि कोटवारों की लंबित मांगों और नियमितीकरण सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदेश स्तर पर संगठन पहले भी आंदोलन की चेतावनी दे चुका है।




