सारंगढ़: सारंगढ स्थित शासकिय सामुदायिक केन्द्र में मनमानी कारगुजारी चरम पर है। यहां कार्यरत करिन्दे कामकाज मे लगाम नही होने के कारण मनमाने कारगुजारीयो मे लीन रहते हैं,यहां मनमाना आचरण तो करिन्दे करते ही है लेकिन नवजात शिशुओ के मामले भी जो मनमानी रवैय्या यहां अपनाया जा रहा है वह राज्य सरकार के स्वास्थ्य योजनाओ को धज्जी उड़ाने वाली है,नवजात शिशुओ के संबंध मे राज्य सरकार के स्वास्थ्य प्रशासन का कड़ा निर्देश है कि नवजात शिशुओ के लिये निर्धारित स्वास्थ संबंधी निहित कार्यो मे कतई भी लापरवाही नही बरती जाये,ऐसे निर्धारित जरुरी कार्यो मे नवजात शिशु को हेपेटाईटिस बी और बी.सी.जी.का टीका नवजात शिशुओ के जन्म के 24 घंटे के अंदर टीका लगाया जाना अनिवार्य है लेकिन सारंगढ चिकित्सालय मे संबंधीत टीकाकरण विभाग द्वारा नवजात शिशुओ को टीका समय पर लगाने के बजाय टालमटोल कर घोर लापरवाही बरती जा रही है।
पिछले 12 नवंबर को देर रात्रि 1:00 बजे से 13 नवंबर को सुबह होते तक सारंगढ़ चिकित्सालय में तीन नवजात शिशुओ का जन्म हुआ और सारंगढ चिकित्सालय के टीकाकरण विभाग द्वारा इन नवजात शिशुओ को उक्त दोनो अर्थात ” हेपेटाईटिस बी.” और बी.सी.जी. का टीका तीनो नवजात शिशुओ को नही लगाया गया नवजात शिशुओ के पालक गणो को जब इस वाक्यात की जानकारी मिली कि शिशु के जन्म के 24 घंटे के अंदर उक्त दोनो जीवन रक्षक टीका का लगना जरुरी है तो उनके द्वारा खंड चिकित्साधिकारी सारंगढ को मौखिक शिकायत किया गया तो उनके द्वारा नवजात शिशुओ के पालको को गोल मटोल जवाब देकर संतुष्ट करने का प्रयास किया गया।एक नवजात शिशु के पालक खेम कुमार थवाईत ने बताया कि सारंगढ चिकित्सालय मे ब्याप्त उक्त लापरवाही नवजात शिशुओ के लिये हानिकारक है हम इसकी शिकायत मुख्य जिला चिकित्साधिकारी रायगढ और स्वास्थ्य सचिव छ.ग. शासन को प्रेषित किये हैं उन्होने शिकायत पत्र मे यहां सारंगढ चिकित्सालय मे नवजात शिशुओ के संबंध में बरती जा रही मनमानी कारगुजारीयो को बंद कर नवजात शिशुओ के स्वास्थ संबंधी निर्धारित कार्यो को सही तरीके से पालन कराने आवश्यक निर्देश कठोर तरीके से दिये जाने की अपेक्षा किये है।
सारंगढ़ शासकिय चिकित्सालय के सूत्रो से यह अपुष्ट जानकारी भी प्राप्त हुई है कि यहां चिकित्सालय मे पिछले तीन चार माह से हेपेटाईटिस बी टीकाकरण जन्म लेने वाले नवजात शिशुओ को नही लगाया जा रहा है।
